अन्वयः
तया by her, परुषम् harsh, उक्तः said, सः he, राघवानुजः brother of Rama, कुपितः angry, भृशम् very much, विकांक्षन् wished, न चिरादिव very soon, रामम् to Rama, प्रतस्थे went.
M N Dutt
Having been addressed with those harsh words the younger brother of Rāghava, enraged, proceeded at once, being anxious to see Rāma.
Summary
Lakshmana, brother of Rama, hurt by the harsh words of Sita, hastened with Rama's wellbeing in mind.
पदच्छेदः
| तया | तद् (३.१) |
| परुषम् | परुष (२.१) |
| उक्तस् | उक्त (√वच् + क्त, १.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| कुपितो | कुपित (√कुप् + क्त, १.१) |
| राघवानुजः | राघव–अनुज (१.१) |
| स | तद् (१.१) |
| विकाङ्क्षन् | विकाङ्क्षत् (√वि-काङ्क्ष् + शतृ, १.१) |
| भृशं | भृशम् (अव्ययः) |
| रामं | राम (२.१) |
| प्रतस्थे | प्रतस्थे (√प्र-स्था लिट् प्र.पु. एक.) |
| नचिराद् | नचिर (५.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | या | प | रु | ष | मु | क्त | स्तु |
| कु | पि | तो | रा | घ | वा | नु | जः |
| स | वि | का | ङ्क्ष | न्भृ | शं | रा | मं |
| प्र | त | स्थे | न | चि | रा | दि | व |