अन्वयः
उग्रतेजःकर्माणम् of ferocious activities, तम् him, समीक्ष्य saw, जनस्थानरुहाः at Janasthana, महाद्रुमाः huge trees, सम्प्रकम्पन्ते shaken up, मारुतः च even the wind, न प्रवाति blows not.
Summary
Seeing the ferocious Ravana, the huge trees at Janasthana shook vidently. Even the wind ceased to blow.
पदच्छेदः
| तम् | तद् (२.१) |
| उग्रं | उग्र (२.१) |
| पापकर्माणं | पाप–कर्मन् (२.१) |
| जनस्थानरुहा | जनस्थान–रुह (१.३) |
| द्रुमाः | द्रुम (१.३) |
| समीक्ष्य | समीक्ष्य (√सम्-ईक्ष् + ल्यप्) |
| न | न (अव्ययः) |
| प्रकम्पन्ते | प्रकम्पन्ते (√प्र-कम्प् लट् प्र.पु. बहु.) |
| न | न (अव्ययः) |
| प्रवाति | प्रवाति (√प्र-वा लट् प्र.पु. एक.) |
| च | च (अव्ययः) |
| मारुतः | मारुत (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | मु | ग्रं | पा | प | क | र्मा | णं |
| ज | न | स्था | न | रु | हा | द्रु | माः |
| स | मी | क्ष्य | न | प्र | क | म्प | न्ते |
| न | प्र | वा | ति | च | मा | रु | तः |