अन्वयः
सीते O Sita, तत्र there, मया सार्धम् with me, वनेषु in the gardens, विहरिष्यसि can stroll with pleasure, भामिनि O beautiful woman, अस्य of this, अरण्यस्य वासस्य living in the forest, न च स्पृहयिष्यसि will not like.
M N Dutt
There shall you with me, O Sītā, walk in gardens, and thus you shall no more long for living in the forest.
Summary
O Sita, you can stroll with me in my pleasuregardens. O beautiful lady, you will not like living in the forest (thereafter).
पदच्छेदः
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| सीते | सीता (८.१) |
| मया | मद् (३.१) |
| सार्धं | सार्धम् (अव्ययः) |
| वनेषु | वन (७.३) |
| विचरिष्यसि | विचरिष्यसि (√वि-चर् लृट् म.पु. ) |
| न | न (अव्ययः) |
| चास्यारण्यवासस्य | च (अव्ययः)–इदम् (६.१)–अरण्य–वास (६.१) |
| स्पृहयिष्यसि | स्पृहयिष्यसि (√स्पृहय् लृट् म.पु. ) |
| भामिनि | भामिनी (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | त्र | सी | ते | म | या | सा | र्धं |
| व | ने | षु | वि | च | रि | ष्य | सि |
| न | चा | स्या | र | ण्य | वा | स | स्य |
| स्पृ | ह | यि | ष्य | सि | भा | मि | नि |