अर्कं रुन्ध्यां शरैस्तीक्ष्णैर्विभिन्द्यां हि महीतलम् ।
कामरूपिणमुन्मत्ते पश्य मां कामदं पतिम् ॥
अर्कं रुन्ध्यां शरैस्तीक्ष्णैर्विभिन्द्यां हि महीतलम् ।
कामरूपिणमुन्मत्ते पश्य मां कामदं पतिम् ॥
अन्वयः
अर्कम् Sun, ऱुन्ध्याम् can obstruct, तीक्ष्णैः with sharp, शरैः arrows, महीतलम् earth, विभिन्द्याम् I can shatter, उन्मत्ते O mad woman, कामदम् who can fulfil desires, पतिम् husband, कामरूपिणम् who can assume any form at will, माम् me, पश्य see.M N Dutt
With my sharpened shafts I can pierce the Sun and cut asunder the earth. You are mad with your beauty. Do you look upon me, who am capable of illusions.Summary
I can obstruct the Sun and shatter the earth with my sharp arrows. O mad woman I am a husband who can fulfil your desires, and can assume any form at my own free will. Look at me.पदच्छेदः
| अर्कं | अर्क (२.१) |
| रुन्ध्यां | रुन्ध्याम् (√रुध् विधिलिङ् उ.पु. ) |
| शरैस् | शर (३.३) |
| तीक्ष्णैर् | तीक्ष्ण (३.३) |
| विभिन्द्यां | विभिन्द्याम् (√वि-भिद् विधिलिङ् उ.पु. ) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| महीतलम् | मही–तल (२.१) |
| कामरूपिणम् | कामरूपिन् (२.१) |
| उन्मत्ते | उन्मत्त (√उत्-मद् + क्त, ८.१) |
| पश्य | पश्य (√पश् लोट् म.पु. ) |
| मां | मद् (२.१) |
| कामदं | काम–द (२.१) |
| पतिम् | पति (२.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | र्कं | रु | न्ध्यां | श | रै | स्ती | क्ष्णै |
| र्वि | भि | न्द्यां | हि | म | ही | त | लम् |
| का | म | रू | पि | ण | मु | न्म | त्ते |
| प | श्य | मां | का | म | दं | प | तिम् |