अन्वयः
(ततः thereafter), तं गृहीत्वा seizing him, अधिरूढः ascended, गजारोहः riding on an elephant, दुष्टवारणम् unruly elephant, यथा so also, स्यात् he, तीक्ष्णैः sharp, नखैः claws, समन्ततः all over, विददार pierced.
Summary
Thereafter, seizing Ravana, Jatayu ascended on his back and pierced his body all over with his sharp claws just as a rider goads an unruly elephant.
पदच्छेदः
| तं | तद् (२.१) |
| गृहीत्वा | गृहीत्वा (√ग्रह् + क्त्वा) |
| नखैस् | नख (३.३) |
| तीक्ष्णैर् | तीक्ष्ण (३.३) |
| विरराद | विरराद (√वि-रद् लिट् प्र.पु. एक.) |
| समन्ततः | समन्ततः (अव्ययः) |
| अधिरूढो | अधिरूढ (√अधि-रुह् + क्त, १.१) |
| गजारोहो | गज–आरोह (१.१) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
| स्याद् | स्यात् (√अस् विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| दुष्टवारणम् | दुष्ट (√दुष् + क्त)–वारण (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तं | गृ | ही | त्वा | न | खै | स्ती | क्ष्णै |
| र्वि | र | रा | द | स | म | न्त | तः |
| अ | धि | रू | ढो | ग | जा | रो | हि |
| य | था | स्या | द्दु | ष्ट | वा | र | णम् |