इदं शरीरं निःसंज्ञं बन्ध वा घातयस्व वा ।
नेदं शरीरं रक्ष्यं मे जीवितं वापि राक्षस ।
न हि शक्ष्याम्युपक्रोशं पृथिव्यां दातुमात्मनः ॥
इदं शरीरं निःसंज्ञं बन्ध वा घातयस्व वा ।
नेदं शरीरं रक्ष्यं मे जीवितं वापि राक्षस ।
न हि शक्ष्याम्युपक्रोशं पृथिव्यां दातुमात्मनः ॥
अन्वयः
राक्षस demon, निस्संज्ञम् unconscious, इदम् this, शरीरम् body, बन्ध वा bind it on, वा खातयस्व or bury, मे to me, इदम् this, शरीरम् body, जीवितं वा even life, रक्षयम् to protect, न not, तु but, पृथिव्याम् on earth, आत्मन: of myself, उपक्रोशम् ignominy, दातुम् to give, न शक्ष्यामि not possible.M N Dutt
Do you either bind or destroy this body deprived of sensation. This body will I not protect, nor yet this life, O Rāvana;Summary
O demon this body has (now) no consciousness. You may bind it or bury it. I do not think that this body or even this life need to be protected. But at no cost can I make this an object of censure on earth (must not be branded an unchaste woman).पदच्छेदः
| इदं | इदम् (२.१) |
| शरीरं | शरीर (२.१) |
| निःसंज्ञं | निःसंज्ञ (२.१) |
| बन्ध | बन्ध (√बन्ध् लोट् म.पु. ) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| घातयस्व | घातयस्व (√घातय् लोट् म.पु. ) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| नेदं | न (अव्ययः)–इदम् (१.१) |
| शरीरं | शरीर (१.१) |
| रक्ष्यं | रक्ष्य (√रक्ष् + कृत्, १.१) |
| मे | मद् (६.१) |
| जीवितं | जीवित (१.१) |
| वापि | वा (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| राक्षस | राक्षस (८.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| शक्ष्याम्य् | शक्ष्यामि (√शक् लृट् उ.पु. ) |
| उपक्रोशं | उपक्रोश (२.१) |
| पृथिव्यां | पृथिवी (७.१) |
| दातुम् | दातुम् (√दा + तुमुन्) |
| आत्मनः | आत्मन् (६.१) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| इ | दं | श | री | रं | निः | सं | ज्ञं | ब | न्ध | वा | घा |
| त | य | स्व | वा | ने | दं | श | री | रं | र | क्ष्यं | मे |
| जी | वि | तं | वा | पि | रा | क्ष | स | न | हि | श | क्ष्या |
| म्यु | प | क्रो | शं | पृ | थि | व्यां | दा | तु | मा | त्म | नः |