अन्वयः
वैदेही Sita (Vaidehi), मैथिली princess from Mithila, क्रोधात् in anger, रावणम् Ravana, एवम् in that way, सुपरुषम् very harsh, वचः words, उक्त्वा having uttered, तत्र there, पुनः again, किञ्चन not, नोवाच speak.
Summary
Having uttered these very harsh words out of anger, the daughter of Videha, the princess from Mithila spoke no more.
पदच्छेदः
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्त्वा | उक्त्वा (√वच् + क्त्वा) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| वैदेही | वैदेही (१.१) |
| क्रोधात् | क्रोध (५.१) |
| सुपरुषं | सुपरुष (२.१) |
| वचः | वचस् (२.१) |
| रावणं | रावण (२.१) |
| मैथिली | मैथिली (१.१) |
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| पुनर् | पुनर् (अव्ययः) |
| नोवाच | न (अव्ययः)–उवाच (√वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| किंचन | कश्चन (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | व | मु | क्त्वा | तु | वै | दे | ही |
| क्रो | द्धा | त्सु | प | रु | षं | व | चः |
| रा | व | णं | मै | थि | ली | त | त्र |
| पु | न | र्नो | वा | च | किं | च | न |