अन्वयः
सीते O Sita, यः he, त्रिदशानपि even gods, त्रायेत् he may save, आर्यः capable one, विगर्हितम् demeaning, नीचं च lowly, त्राहि इति saying 'save me', वचनम् words, कथम् how, अभिधास्यति will speak out?
M N Dutt
How can he that can rescue the celestials themselves, utter, O Sītā, such a blame-worthy and base word as-save me?
Summary
'How can Rama who is capable of saving even gods speak such unworthy, demeaning words, 'Save me, O Sita'
पदच्छेदः
| विगर्हितं | विगर्हित (√वि-गर्ह् + क्त, २.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| नीचं | नीच (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| कथम् | कथम् (अव्ययः) |
| आर्यो | आर्य (१.१) |
| ऽभिधास्यति | अभिधास्यति (√अभि-धा लृट् प्र.पु. एक.) |
| त्राहीति | त्राहि (√त्रा लोट् म.पु. )–इति (अव्ययः) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| सीते | सीता (८.१) |
| यस् | यद् (१.१) |
| त्रायेत् | त्रायेत् (√त्रा विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| त्रिदशान् | त्रिदश (२.३) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| वि | ग | र्हि | तं | च | नी | चं | च |
| क | थ | मा | र्यो | ऽभि | धा | स्य | ति |
| त्रा | ही | ति | व | च | नं | सी | ते |
| य | स्त्रा | ये | त्त्रि | द | शा | न | पि |