पदच्छेदः
| निखिलेन | निखिल (३.१) |
| विचिन्वन्तौ | विचिन्वत् (√वि-चि + शतृ, १.२) |
| सीतां | सीता (२.१) |
| दशरथात्मजौ | दशरथ–आत्मज (१.२) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| शैलस्य | शैल (६.१) |
| सानूनि | सानु (२.३) |
| गुहाश् | गुहा (२.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| शिखराणि | शिखर (२.३) |
| च | च (अव्ययः) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| नि | खि | ले | न | वि | चि | न्व | न्तौ |
| सी | तां | द | श | र | था | त्म | जौ |
| त | स्य | शै | ल | स्य | सा | नू | नि |
| गु | हा | श्च | शि | ख | रा | णि | च |