अन्वयः
सन्तप्तः tormented, अवसन्नाङ्गः with limbs enervated, गतबुद्धि: intellect atrophied, विचेतनः lost senses, आतुरः anxious, दीनः dejected, अशीतम् hot, आयतम् long, निश्श्वस्य sighing, निषसाद reclined.
Summary
By grief tormented, limbs enervated, intellect atrophied, senses switched off, he felt anxious and depressed and sighed long and hot.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| विह्वलितसर्वाङ्गो | विह्वलित (√वि-ह्वल् + क्त)–सर्व–अङ्ग (१.१) |
| गतबुद्धिर् | गत (√गम् + क्त)–बुद्धि (१.१) |
| विचेतनः | विचेतन (१.१) |
| विषसादातुरो | विषसाद (√वि-सद् लिट् प्र.पु. एक.)–आतुर (१.१) |
| दीनो | दीन (१.१) |
| निःश्वस्याशीतम् | निःश्वस्य (√निः-श्वस् + ल्यप्)–अशीत (२.१) |
| आयतम् | आयत (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | वि | ह्व | लि | त | स | र्वा | ङ्गो |
| ग | त | बु | द्धि | र्वि | चे | त | नः |
| वि | ष | सा | दा | तु | रो | दी | नो |
| निः | श्व | स्या | शी | त | मा | य | तम् |