अन्वयः
राजीवलोचनः lotuseyed, सः रामः that Rama, बहुलम् long, निश्श्वस्य sighing, बाष्पगद्गदः throat choked with sobbing, हा प्रियेति saying 'Alas, my darling', बहुशः many times, विचुक्रोश cried lotuseyed.
Summary
Rama, his throat choked, shed propuse tears, sighing, O my darling.
पदच्छेदः
| बहुशः | बहुशस् (अव्ययः) |
| स | तद् (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| निःश्वस्य | निःश्वस्य (√निः-श्वस् + ल्यप्) |
| रामो | राम (१.१) |
| राजीवलोचनः | राजीव–लोचन (१.१) |
| हा | हा (अव्ययः) |
| प्रियेति | प्रिय (१.१)–इति (अव्ययः) |
| विचुक्रोश | विचुक्रोश (√वि-क्रुश् लिट् प्र.पु. एक.) |
| बहुशो | बहुशस् (अव्ययः) |
| बाष्पगद्गदः | बाष्प–गद्गद (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ब | हु | शः | स | तु | निः | श्व | स्य |
| रा | मो | रा | जी | व | लो | च | नः |
| हा | प्रि | ये | ति | वि | चु | क्रो | श |
| ब | हु | शो | बा | ष्प | ग | द्ग | दः |