अन्वयः
तत्र then, भवान् you, अभिषज्येत harass, ततः कृच्छ्रतरम् may cause pain, किं स्यात् what could be there?, एतस्मिन् in this, आश्रमे hermitage, चिरम् for a long time, वासम् residence, न not, समर्थये I foresee.
Summary
What can be more agonizing for you (than my killing animals). I (therefore) do not foresee our long stay in this hermitage.
पदच्छेदः
| भवांस् | भवत् (१.१) |
| तत्राभिषज्येत | तत्र (अव्ययः)–अभिषज् (७.१)–एत (√आ-इ लोट् म.पु. द्वि.) |
| किं | क (१.१) |
| स्यात् | स्यात् (√अस् विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| कृच्छ्रतरं | कृच्छ्रतर (१.१) |
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| एतस्मिन्न् | एतद् (७.१) |
| आश्रमे | आश्रम (७.१) |
| वासं | वास (२.१) |
| चिरं | चिर (२.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| न | न (अव्ययः) |
| समर्थये | समर्थये (√सम्-अर्थय् लट् उ.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| भ | वां | स्त | त्रा | भि | ष | ज्ये | त |
| किं | स्या | त्कृ | च्छ्र | त | रं | त | तः |
| ए | त | स्मि | न्ना | श्र | मे | वा | सं |
| चि | रं | तु | न | स | म | र्थ | ये |