अन्वयः
ज्ञातिपक्षविहीनस्य away from relatives, राजपुत्रीम् princess, अपश्यतः not seeing, जाग्रतः keeping awake, मम for me, रात्रयः nights, दीर्घाः long, भविष्यन्ति appear, मन्ये I think.
Summary
Away from relatives and away from the princess, I keep awake during nights which seem too long.
पदच्छेदः
| ज्ञातिपक्षविहीनस्य | ज्ञाति–पक्ष–विहीन (√वि-हा + क्त, ६.१) |
| राजपुत्रीम् | राजपुत्री (२.१) |
| अपश्यतः | अपश्यत् (६.१) |
| मन्ये | मन्ये (√मन् लट् उ.पु. ) |
| दीर्घा | दीर्घ (१.१) |
| भविष्यन्ति | भविष्यन्ति (√भू लृट् प्र.पु. बहु.) |
| रात्रयो | रात्रि (१.३) |
| मम | मद् (६.१) |
| जाग्रतः | जाग्रत् (√जागृ + शतृ, ६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ज्ञा | ति | प | क्ष | वि | ही | न | स्य |
| रा | ज | पु | त्री | म | प | श्य | तः |
| म | न्ये | दी | र्घा | भ | वि | ष्य | न्ति |
| रा | त्र | यो | म | म | जा | ग्र | तः |