अन्वयः
लक्ष्मण O Lakshmana, इह here, तानि those, इमानि the very same ones, पुष्पाणि flowers, अभिजानामि I recognise them, इह here, कानने in the forest, मया by me, दत्तानि given, वैदेह्या by Vaidehi, पिनद्धानि worn, हि indeed.
Summary
O Lakshmana, here are the same flowers I had given Vaidehi to wear in the forest. I can recognize them.
पदच्छेदः
| अभिजानामि | अभिजानामि (√अभि-ज्ञा लट् उ.पु. ) |
| पुष्पाणि | पुष्प (२.३) |
| तानीमानीह | तद् (२.३)–इदम् (२.३)–इह (अव्ययः) |
| लक्ष्मण | लक्ष्मण (८.१) |
| अपिनद्धानि | अपिनद्ध (√अपि-नह् + क्त, २.३) |
| वैदेह्या | वैदेही (६.१) |
| मया | मद् (३.१) |
| दत्तानि | दत्त (√दा + क्त, २.३) |
| कानने | कानन (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | भि | जा | ना | मि | पु | ष्पा | णि |
| ता | नी | मा | मी | ह | ल | क्ष्म | ण |
| अ | पि | न | द्धा | नि | वै | दे | ह्या |
| म | या | द | त्ता | नि | का | न | ने |