अन्वयः
तत्र there, सिंहः lion, क्षुद्रमृगं petty animal, गिरिम् mountain, क्रुद्धः angry, अब्रवीत् said, पर्वत mountain, अहम् I, ते your, सर्वाणि all, सानूनि slopes, यावत् before, न विध्वंसयामि I do not destroy, हेमवर्णाम् golden complexioned, हेमाभाम् with lustre like gold, सीताम् Sita, दर्शय show.
Summary
Like a lion aiming at a petty animal, angry Rama said, O Mountain before I destroy all your slopes show me that goldenhued Sita with lustre like gold.
पदच्छेदः
| तां | तद् (२.१) |
| हेमवर्णां | हेमन्–वर्ण (२.१) |
| हेमाभां | हेमन्–आभ (२.१) |
| सीतां | सीता (२.१) |
| दर्शय | दर्शय (√दर्शय् लोट् म.पु. ) |
| पर्वत | पर्वत (८.१) |
| यावत् | यावत् (अव्ययः) |
| सानूनि | सानु (२.३) |
| सर्वाणि | सर्व (२.३) |
| न | न (अव्ययः) |
| ते | त्वद् (६.१) |
| विध्वंसयाम्य् | विध्वंसयामि (√वि-ध्वंसय् लट् उ.पु. ) |
| अहम् | मद् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तां | हे | म | व | र्णां | हे | मा | भां |
| सी | तां | द | र्श | य | प | र्व | त |
| या | व | त्सा | नू | नि | स | र्वा | णि |
| न | ते | वि | ध्वं | स | या | म्य | हम् |