अन्वयः
लक्ष्मणः Lakshmana, तीर्थवतीम् having landings, ताम् her, विचित्वा searching, रामम् to Rama, अब्रवीत् said, एनाम् her, तीर्थेषु at the landings, न पश्यामि do not see, मे when I, क्रोशतः called out, न शृणोति no one hears.
Summary
Searching for Sita at the landings of river Godavari, Lakshmana said to Rama, I am unable to find her at these landings.No one responds to my call.
पदच्छेदः
| तां | तद् (२.१) |
| लक्ष्मणस् | लक्ष्मण (१.१) |
| तीर्थवतीं | तीर्थवत् (२.१) |
| विचित्वा | विचित्वा (√वि-चि + ल्यप्) |
| रामम् | राम (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| नैनां | न (अव्ययः)–एनद् (२.१) |
| पश्यामि | पश्यामि (√दृश् लट् उ.पु. ) |
| तीर्थेषु | तीर्थ (७.३) |
| क्रोशतो | क्रोशत् (√क्रुश् + शतृ, ६.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| शृणोति | शृणोति (√श्रु लट् प्र.पु. एक.) |
| मे | मद् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तां | ल | क्ष्म | ण | स्ती | र्थ | व | तीं |
| वि | चि | त्वा | रा | म | म | ब्र | वीत् |
| नै | नां | प | श्या | मि | ती | र्थे | षु |
| क्रो | श | तो | न | शृ | णो | ति | मे |