अन्वयः
लक्ष्मण Lakshmana, लोकानाम् of these worlds, कर्तारमपि one who may be even the creator, शूरम् hero, करुणवेदिनम् compassionate, सर्वभूतानि all beings, अज्ञानात् by ignorance, अवमन्येरन् will disrespect.
Summary
O Lakshmana even the compassionate and heroic Creator of the worlds will be disrespected by all beings, however ignorantly (if such things are allowed to happen).
पदच्छेदः
| कर्तारम् | कर्तृ (२.१) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| लोकानां | लोक (६.३) |
| शूरं | शूर (२.१) |
| करुणवेदिनम् | करुण–वेदिन् (२.१) |
| अज्ञानाद् | अज्ञान (५.१) |
| अवमन्येरन् | अवमन्येरन् (√अव-मन् विधिलिङ् प्र.पु. बहु.) |
| सर्वभूतानि | सर्व–भूत (१.३) |
| लक्ष्मण | लक्ष्मण (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| क | र्ता | र | म | पि | लो | का | नां |
| शू | रं | क | रु | ण | वे | दि | नम् |
| अ | ज्ञा | ना | द | व | म | न्ये | र |
| न्स | र्व | भू | ता | नि | ल | क्ष्म | ण |