अन्वयः
मृदुम् gentle, लोकहिते for the welfare of the world, युक्तम् one engaged, दान्तम् selfrestraint, करुणवेदिनम् a compassionate, माम् me, त्रिदशेश्वराः the gods, निर्वीर्यः इति as weak, मन्यन्ते will consider, नूनम् certainly.
Summary
The gods will certainly consider me a man engaged in the welfare of the world, a man of selfrestraint and compassion, but at the same time a weak man.
पदच्छेदः
| मृदुं | मृदु (२.१) |
| लोकहिते | लोक–हित (७.१) |
| युक्तं | युक्त (√युज् + क्त, २.१) |
| दान्तं | दान्त (√दम् + क्त, २.१) |
| करुणवेदिनम् | करुण–वेदिन् (२.१) |
| निर्वीर्य | निर्वीर्य (१.१) |
| इति | इति (अव्ययः) |
| मन्यन्ते | मन्यन्ते (√मन् लट् प्र.पु. बहु.) |
| नूनं | नूनम् (अव्ययः) |
| मां | मद् (२.१) |
| त्रिदशेश्वराः | त्रिदश–ईश्वर (१.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| मृ | दुं | लो | क | हि | ते | यु | क्तं |
| दा | न्तं | क | रु | ण | वे | दि | नम् |
| नि | र्वी | र्य | इ | ति | म | न्य | न्ते |
| नू | नं | मां | त्रि | द | शे | श्व | राः |