अन्वयः
अनघ O sinless soul, वीर hero, वैदेह्याम् when Vaidehi, नष्टायामपि killed, हृतायामपि when carried off too, प्राकृतः an ordinary person, अन्यः यथा other man, शोचितुम् to worry, नार्हसि not right for you.
Summary
Even if Vaidehi is killed or abducted, you should not grieve like ordinary men, O sinless hero
पदच्छेदः
| नष्टायाम् | नष्ट (√नश् + क्त, ७.१) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| वैदेह्यां | वैदेही (७.१) |
| हृतायाम् | हृत (√हृ + क्त, ७.१) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| चानघ | च (अव्ययः)–अनघ (८.१) |
| शोचितुं | शोचितुम् (√शुच् + तुमुन्) |
| नार्हसे | न (अव्ययः)–अर्हसे (√अर्ह् लट् म.पु. ) |
| वीर | वीर (८.१) |
| यथान्यः | यथा (अव्ययः)–अन्य (१.१) |
| प्राकृतस् | प्राकृत (१.१) |
| तथा | तथा (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| न | ष्टा | या | म | पि | वै | दे | ह्यां |
| हृ | ता | या | म | पि | चा | न | घ |
| शो | चि | तुं | ना | र्ह | से | वी | र |
| य | था | न्यः | प्रा | कृ | त | स्त | था |