तत्त्वतो हि नरश्रेष्ठ बुद्ध्या समनुचिन्तय ।
बुद्ध्या युक्ता महाप्राज्ञा विजानन्ति शुभाशुभे ॥
तत्त्वतो हि नरश्रेष्ठ बुद्ध्या समनुचिन्तय ।
बुद्ध्या युक्ता महाप्राज्ञा विजानन्ति शुभाशुभे ॥
अन्वयः
नरश्रेष्ठ O best among men, तत्त्वतः the facts, बुद्ध्या applying your intellect, समनुचिन्तय think rightly, महाप्राज्ञाः very wise, बुध्द्या with their intellect, युक्ताः endowed, शुभाशुभे right and wrong, विजानन्ति people know.Summary
O best among men judge the facts rightly with your intellect. The wise apply their minds and know what is right and what is wrong.पदच्छेदः
| तत्त्वतो | तत्त्व (५.१) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| नरश्रेष्ठ | नर–श्रेष्ठ (८.१) |
| बुद्ध्या | बुद्धि (३.१) |
| समनुचिन्तय | समनुचिन्तय (√समनु-चिन्तय् लोट् म.पु. ) |
| बुद्ध्या | बुद्धि (३.१) |
| युक्ता | युक्त (√युज् + क्त, १.३) |
| महाप्राज्ञा | महत्–प्राज्ञ (१.३) |
| विजानन्ति | विजानन्ति (√वि-ज्ञा लट् प्र.पु. बहु.) |
| शुभाशुभे | शुभ–अशुभ (२.२) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | त्त्व | तो | हि | न | र | श्रे | ष्ठ |
| बु | द्ध्या | स | म | नु | चि | न्त | य |
| बु | द्ध्या | यु | क्ता | म | हा | प्रा | ज्ञा |
| वि | जा | न | न्ति | शु | भा | शु | भे |