अन्वयः
राघव Rama, मे my, प्राणाः life, उपरुध्यन्ति obstructing, दृष्टिः sight, भ्रमति is reeling, अनुशीरकृतमूर्धजान् root hair grown on tops, सौवर्णान् golden , वृक्षान् trees, पश्यामि I see.
Summary
O scion of the Raghu race, I am gasping for breath. My eyes are reeling. I see root hair growing on the tops of golden trees.
पदच्छेदः
| उपरुध्यन्ति | उपरुध्यन्ति (√उप-रुध् लट् प्र.पु. बहु.) |
| मे | मद् (६.१) |
| प्राणा | प्राण (१.३) |
| दृष्टिर् | दृष्टि (१.१) |
| भ्रमति | भ्रमति (√भ्रम् लट् प्र.पु. एक.) |
| राघव | राघव (८.१) |
| पश्यामि | पश्यामि (√दृश् लट् उ.पु. ) |
| वृक्षान् | वृक्ष (२.३) |
| सौवर्णान् | सौवर्ण (२.३) |
| उशीरकृतमूर्धजान् | उशीर–कृत (√कृ + क्त)–मूर्धज (२.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| उ | प | रु | ध्य | न्ति | मे | प्रा | णा |
| दृ | ष्टि | र्भ्र | म | ति | रा | घ | व |
| प | श्या | मि | वृ | क्षा | न्सौ | व | र्णा |
| नु | शी | र | कृ | त | मू | र्ध | जान् |