अन्वयः
रामं प्रति with Rama, अनुभाषतः conversing, असम्मूढस्य of the bird that was not deluded, म्रियमाणस्य while dying, गृध्रस्य vulture's, आस्यात् from his mouth, सामिषम् mixed with flesh, रुधिरम् blood, सुस्राव dripped.
Summary
As he(Jatayu) was speaking to Rama with an alert mind even while dying, blood mixed with flesh started oozing from Jatayu's mouth.
पदच्छेदः
| असंमूढस्य | असंमूढ (६.१) |
| गृध्रस्य | गृध्र (६.१) |
| रामं | राम (२.१) |
| प्रत्यनुभाषतः | प्रत्यनुभाषत् (√प्रत्यनु-भाष् + शतृ, ६.१) |
| आस्यात् | आस्य (५.१) |
| सुस्राव | सुस्राव (√स्रु लिट् प्र.पु. एक.) |
| रुधिरं | रुधिर (१.१) |
| म्रियमाणस्य | म्रियमाण (√मृ + शानच्, ६.१) |
| सामिषम् | स (अव्ययः)–आमिष (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | सं | मू | ढ | स्य | गृ | ध्र | स्य |
| रा | मं | प्र | त्य | नु | भा | ष | तः |
| आ | स्या | त्सु | स्रा | व | रु | धि | रं |
| म्रि | य | मा | ण | स्य | सा | मि | षम् |