अन्वयः
सः Jatayu, तदा then, शिरः head, भूमौ on the ground, निक्षिप्य after throwing, चरणौ feet, प्रसार्य stretching, स्वम् his, शरीरम् body, धरणीतले on the ground, विक्षिप्य scattering, पपात fallen down.
Summary
Then Jatayu dropped his head down, his feet thrown about, his body outstretched on earth.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| निक्षिप्य | निक्षिप्य (√नि-क्षिप् + ल्यप्) |
| शिरो | शिरस् (२.१) |
| भूमौ | भूमि (७.१) |
| प्रसार्य | प्रसार्य (√प्र-सारय् + ल्यप्) |
| चरणौ | चरण (२.२) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| विक्षिप्य | विक्षिप्य (√वि-क्षिप् + ल्यप्) |
| च | च (अव्ययः) |
| शरीरं | शरीर (२.१) |
| स्वं | स्व (२.१) |
| पपात | पपात (√पत् लिट् प्र.पु. एक.) |
| धरणीतले | धरणी–तल (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | नि | क्षि | प्य | शि | रो | भू | मौ |
| प्र | सा | र्य | च | र | णौ | त | दा |
| वि | क्षि | प्य | च | श | री | रं | स्वं |
| प | पा | त | ध | र | णी | त | ले |