अन्वयः
अनेकवार्षिकः many years old, यः he, चिरकालसमुत्थितः lived for a long time, सः अयम् this Jatayu, अद्य now, हतः dead, शेते lying down, कालः time (fate), दुरतिक्रमः हि not possible to escape.
Summary
This Jatayu, who lived for long years, is lying dead now. (The dictate of) destiny is inescapable.
पदच्छेदः
| अनेकवार्षिको | अनेक–वार्षिक (१.१) |
| यस् | यद् (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| चिरकालं | चिर–काल (२.१) |
| समुत्थितः | समुत्थित (√समुत्-स्था + क्त, १.१) |
| सो | तद् (१.१) |
| ऽयम् | इदम् (१.१) |
| अद्य | अद्य (अव्ययः) |
| हतः | हत (√हन् + क्त, १.१) |
| शेते | शेते (√शी लट् प्र.पु. एक.) |
| कालो | काल (१.१) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| दुरतिक्रमः | दुरतिक्रम (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | ने | क | वा | र्षि | को | य | स्तु |
| चि | र | का | लं | स | मु | त्थि | तः |
| सो | ऽय | म | द्य | ह | तः | शे | ते |
| का | लो | हि | दु | र | ति | क्र | मः |