अन्वयः
लक्ष्मण O Lakshmana, सीताम् Sita, अभ्यवपन्नः he reached out for help, मे उपकारी my wellwisher, अयं गृध्रः this vulture, बलीयसा by the powerful, रावणेन by Ravana, हतः is killed, पश्य see.
Summary
O Lakshmana, see this Jatayu, my benefactor, killed by the powerful Ravana while he was reaching out to help Sita.
पदच्छेदः
| पश्य | पश्य (√पश् लोट् म.पु. ) |
| लक्ष्मण | लक्ष्मण (८.१) |
| गृध्रो | गृध्र (१.१) |
| ऽयम् | इदम् (१.१) |
| उपकारी | उपकारिन् (१.१) |
| हतश् | हत (√हन् + क्त, १.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| मे | मद् (६.१) |
| सीताम् | सीता (२.१) |
| अभ्यवपन् | अभ्यवपत् (√अभि-वप् लङ् प्र.पु. एक.) |
| नो | नो (अव्ययः) |
| वै | वै (अव्ययः) |
| रावणेन | रावण (३.१) |
| बलीयसा | बलीयस् (३.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| प | श्य | ल | क्ष्म | ण | गृ | ध्रो | ऽय |
| मु | प | का | री | ह | त | श्च | मे |
| सी | ता | म | भ्य | व | प | न्नो | वै |
| रा | व | णे | न | ब | ली | य | सा |