अन्वयः
महायशाः famed, रामः Rama, रोहिमांसानि flesh of the deer, उत्कृत्य cutting to pieces, पेशीकृत्य making into balls, रम्ये in a lovely, हरितशाद्वले green, grassy land, शकुनाय the bird Jatayu, ददौ offered.
Summary
Tearing the flesh of the deer to pieces and making them into balls, the celebrated Rama laid it on a lovely, green grassy land as offering to the bird.
पदच्छेदः
| रोहिमांसानि | रोहि–मांस (२.३) |
| चोद्धृत्य | च (अव्ययः)–उद्धृत्य (√उत्-हृ + ल्यप्) |
| पेशीकृत्वा | पेशीकृत्वा (√पेशी-कृ + ल्यप्) |
| महायशाः | महत्–यशस् (१.१) |
| शकुनाय | शकुन (४.१) |
| ददौ | ददौ (√दा लिट् प्र.पु. एक.) |
| रामो | राम (१.१) |
| रम्ये | रम्य (७.१) |
| हरितशाद्वले | हरित–शाद्वल (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रो | हि | मां | सा | नि | चो | द्धृ | त्य |
| पे | शी | कृ | त्वा | म | हा | य | शाः |
| श | कु | ना | य | द | दौ | रा | मो |
| र | म्ये | ह | रि | त | शा | द्व | ले |