अन्वयः
सा she, राक्षसेन्द्रेण by the lord of demons, रावणेन by Ravana, वातदुर्दिनसङ्कुलाम् violent wind, विपुलाम् huge, मायाम् magic, आस्थाय creating, विहायसा in the sky, हृता taken away.
Summary
Ravana, the lord of the demons created violent winds through terrific magic and whisked her away in the sky.
पदच्छेदः
| सा | तद् (१.१) |
| हृता | हृत (√हृ + क्त, १.१) |
| राक्षसेन्द्रेण | राक्षस–इन्द्र (३.१) |
| रावणेन | रावण (३.१) |
| विहायसा | विहायस् (३.१) |
| मायाम् | माया (२.१) |
| आस्थाय | आस्थाय (√आ-स्था + ल्यप्) |
| विपुलां | विपुल (२.१) |
| वातदुर्दिनसंकुलाम् | वात–दुर्दिन–संकुल (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सा | हृ | ता | रा | क्ष | से | न्द्रे | ण |
| रा | व | णे | न | वि | हा | य | सा |
| मा | या | मा | स्था | य | वि | पु | लां |
| वा | त | दु | र्दि | न | सं | कु | लाम् |