अन्वयः
आर्य O noble one, तस्मात् therefore, त्वम् you, सज्जीभव be ready, हितम् good, वचनम् words, कुरुष्व you may act upon, निमित्तानि omens, सद्यः presently, सम्भ्रमम् fear, मम I am, शंसन्ति इव हि as though they are forecasting.
Summary
O noble brother be alert. Heed my words of good advice. The bad omens I see presage perils.
पदच्छेदः
| तस्मात् | तस्मात् (अव्ययः) |
| सज्जीभवार्य | सज्जीभव (√सज्जी-भू लोट् म.पु. )–आर्य (८.१) |
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| कुरुष्व | कुरुष्व (√कृ लोट् म.पु. ) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| हितम् | हित (२.१) |
| ममैव | मद् (६.१)–एव (अव्ययः) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| निमित्तानि | निमित्त (१.३) |
| सद्यः | सद्यस् (अव्ययः) |
| शंसन्ति | शंसन्ति (√शंस् लट् प्र.पु. बहु.) |
| सम्भ्रमम् | सम्भ्रम (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | स्मा | त्स | ज्जी | भ | वा | र्य | त्वं |
| कु | रु | ष्व | व | च | नं | हि | तम् |
| म | मै | व | हि | नि | मि | त्ता | नि |
| स | द्यः | शं | स | न्ति | सं | भ्र | मम् |