अन्वयः
परमदारुणः extremely dreadful, वञ्चुलको नाम by name Vanchulaka, एषः पक्षी this bird, युद्धे in strife, आवयोः both of us, विजयम् triumph, शंसन्निव as though telling, विनर्दति cries loudly.
Summary
This vanchulaka bird's loud and dreadful screams suggest our triumph in war.
पदच्छेदः
| एष | एतद् (१.१) |
| वञ्चुलको | वञ्चुलक (१.१) |
| नाम | नाम (अव्ययः) |
| पक्षी | पक्षिन् (१.१) |
| परमदारुणः | परम–दारुण (१.१) |
| आवयोर् | मद् (६.२) |
| विजयं | विजय (२.१) |
| युद्धे | युद्ध (७.१) |
| शंसन्न् | शंसत् (√शंस् + शतृ, १.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| विनर्दति | विनर्दति (√वि-नर्द् लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | ष | व | ञ्चु | ल | को | ना | म |
| प | क्षी | प | र | म | दा | रु | णः |
| आ | व | यो | र्वि | ज | यं | यु | द्धे |
| शं | स | न्नि | व | वि | न | र्द | ति |