अन्वयः
गगनम् sky, अत्यर्थम् very much, मातरिश्वना by fierce wind, संवेष्टितमिव was as if covered, तस्य of that, वनस्य of the forest, शब्दः sound, दिवम् sky, आपूरयन्निव was filling, अभूत् rose.
Summary
It appeared as though a fierce wind rose from the forest and filled the sky.
पदच्छेदः
| संवेष्टितम् | संवेष्टित (√सम्-वेष्टय् + क्त, १.१) |
| इवात्यर्थं | इव (अव्ययः)–अत्यर्थम् (अव्ययः) |
| गहनं | गहन (१.१) |
| मातरिश्वना | मातरिश्वन् (३.१) |
| वनस्य | वन (६.१) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| शब्दो | शब्द (१.१) |
| ऽभूद् | अभूत् (√भू प्र.पु. एक.) |
| दिवम् | दिव् (२.१) |
| आपूरयन्न् | आपूरयत् (√आ-पूरय् + शतृ, १.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सं | वे | ष्टि | त | मि | वा | त्य | र्थं |
| ग | ह | नं | मा | त | रि | श्व | ना |
| व | न | स्य | त | स्य | श | ब्दो | ऽभू |
| द्दि | व | मा | पू | र | य | न्नि | व |