अन्वयः
प्रेक्ष्य seeing me, घोरशापाभिधायिना pronounced a dreadful curse, तेन by him, अहम् I, एवम् in that way, उक्तः said, ते you, नृशंसम् mean, विगर्हितम् dispising, एतत् this, रूपमेव form only, अस्तु it may be.
Summary
Seeing me he pronounced a dreadful curse on me saying, 'You will get a cruel, despicable form.'
पदच्छेदः
| तेनाहम् | तद् (३.१)–मद् (१.१) |
| उक्तः | उक्त (√वच् + क्त, १.१) |
| प्रेक्ष्यैवं | प्रेक्ष्य (√प्र-ईक्ष् + ल्यप्)–एवम् (अव्ययः) |
| घोरशापाभिधायिना | घोर–शाप–अभिधायिन् (३.१) |
| एतद् | एतद् (१.१) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| नृशंसं | नृशंस (१.१) |
| ते | त्वद् (६.१) |
| रूपम् | रूप (१.१) |
| अस्तु | अस्तु (√अस् लोट् प्र.पु. एक.) |
| विगर्हितम् | विगर्हित (√वि-गर्ह् + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ते | ना | ह | मु | क्तः | प्रे | क्ष्यै | वं |
| घो | र | शा | पा | भि | धा | यि | ना |
| ए | त | दे | व | नृ | शं | सं | ते |
| रू | प | म | स्तु | वि | ग | र्हि | तम् |