अन्वयः
काकुत्थ्स Kakutstha, तेषाम् for them, गतानाम् who had gone, परिचारिणी their attendant, चिरजीविनी living for long years, शबरीनाम named Sabari, श्रमणी ascetic, अद्यापि even now, दृश्यते is seen.
Summary
O Kakutstha even now their attendant, named Sabari, an old ascetic is there even though they have left long ago.
पदच्छेदः
| तेषाम् | तद् (६.३) |
| अद्यापि | अद्य (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| तत्रैव | तत्र (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| दृश्यते | दृश्यते (√दृश् प्र.पु. एक.) |
| परिचारिणी | परिचारिन् (१.१) |
| श्रमणी | श्रमणा (१.१) |
| शबरी | शबरी (१.१) |
| नाम | नाम (अव्ययः) |
| काकुत्स्थ | काकुत्स्थ (८.१) |
| चिरजीविनी | चिर–जीविन् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ते | षा | म | द्या | पि | त | त्रै | व |
| दृ | श्य | ते | प | रि | चा | रि | णी |
| श्र | म | णी | श | ब | री | ना | म |
| का | कु | त्स्थ | चि | र | जी | वि | नी |