अन्वयः
मेघवर्णाः like dark rainclouds, तरस्विनः swift, परमद्विपाः great elephants, संहृत्य drawn together, रुधिरधाराभिः streams of ichor(red in colour) flowing from their body, सिक्ताः are drenched, पृथक् separated, कीर्णाः scattered, प्रचरन्ति they wander.
Summary
The great, nimble elphants, dark like clouds, drenched with the flow of ichor come together and then separate and scatter.
पदच्छेदः
| सिक्ता | सिक्त (√सिच् + क्त, १.३) |
| रुधिरधाराभिः | रुधिर–धारा (३.३) |
| संहत्य | संहत्य (√सम्-हन् + ल्यप्) |
| परमद्विपाः | परम–द्विप (१.३) |
| प्रचरन्ति | प्रचरन्ति (√प्र-चर् लट् प्र.पु. बहु.) |
| पृथक् | पृथक् (अव्ययः) |
| कीर्णा | कीर्ण (√कृ + क्त, १.३) |
| मेघवर्णास् | मेघ–वर्ण (१.३) |
| तरस्विनः | तरस्विन् (१.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सि | क्ता | रु | धि | र | धा | रा | भिः |
| सं | ह | त्य | प | र | म | द्वि | पाः |
| प्र | च | र | न्ति | पृ | थ | क्की | र्णा |
| मे | घ | व | र्णा | स्त | र | स्वि | नः |