अन्वयः
शबरी Sabari, रामवक्त्रात् from Rama's mouth, विनिस्सृतम् released, एतत् this, वचनम् word, श्रुत्वा on hearing, तौ उभौ both of them, महत् great, तत् that, वनम् garden, दर्शयामास started showing.
M N Dutt
Hearing those accents dropping from Rāma's lips, Sabarī showing to them the vast forest said.
Summary
At these words from the mouth of Rama, Sabari took them both round the great garden.
पदच्छेदः
| एतत् | एतद् (२.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| रामवक्त्राद् | राम–वक्त्र (५.१) |
| विनिःसृतम् | विनिःसृत (√विनिः-सृ + क्त, २.१) |
| शबरी | शबरी (१.१) |
| दर्शयामास | दर्शयामास (√दर्शय् प्र.पु. एक.) |
| ताव् | तद् (२.२) |
| उभौ | उभ् (२.२) |
| तद् | तद् (२.१) |
| वनं | वन (२.१) |
| महत् | महत् (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | त | त्तु | व | च | नं | श्रु | त्वा |
| रा | म | व | क्त्रा | द्वि | निः | सृ | तम् |
| श | ब | री | द | र्श | या | मा | स |
| ता | वु | भौ | त | द्व | नं | म | हत् |