अन्वयः
सः रामः Rama, उदकवाहिनीम् lake, ताम् that one, दूरात् from a distance, आसाद्य reached, मतङ्गसरसं नाम a place called Matanga lake, ह्रदम् pond,समवगाहत bathed.
Summary
Rama reached the Matanga lake which he could see from a distance and bathed in it.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| ताम् | तद् (२.१) |
| आसाद्य | आसाद्य (√आ-सादय् + ल्यप्) |
| वै | वै (अव्ययः) |
| रामो | राम (१.१) |
| दूराद् | दूर (५.१) |
| उदकवाहिनीम् | उदक–वाहिन् (२.१) |
| मतंगसरसं | मतंगसरस (२.१) |
| नाम | नाम (अव्ययः) |
| ह्रदं | ह्रद (२.१) |
| समवगाहत | समवगाहत (√समव-गाह् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | ता | मा | सा | द्य | वै | रा | मो |
| दू | रा | दु | द | क | वा | हि | नीम् |
| म | त | ङ्ग | स | र | सं | ना | म |
| ह्र | दं | स | म | व | गा | ह | त |