इत्येवमुक्त्वा वचनं महात्मा; सीतां प्रियां मैथिल राजपुत्रीम् ।
रामो धनुष्मान्सहलक्ष्मणेन; जगाम रम्याणि तपोवनानि ॥
इत्येवमुक्त्वा वचनं महात्मा; सीतां प्रियां मैथिल राजपुत्रीम् ।
रामो धनुष्मान्सहलक्ष्मणेन; जगाम रम्याणि तपोवनानि ॥
अन्वयः
महात्मा great soul, रामः Rama, प्रियाम् to his beloved, मैथिलराजपुत्रीम् to the daughter of king of Mithila, सीताम् to Sita, इत्येवम् in this way, वचनम् statement, उक्त्वा on having said, धनुष्मान् wielding the bow, सह लक्ष्मणेन with Lakshmana, रम्याणि most delightful, तपोवनानि penance groves, जगाम moved about.M N Dutt
Having said these words to Mithila's princess, the, beloved Sītā, the high-souled Răma, equipped with bows, along with Laksmana, directed his steps towards the inviting woods of asceticism.Summary
Having said this to Sita, the princess of Mithila, Rama along with Lakshmana, bow in hand, moved about the delightful penancegrove.इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीय आदिकाव्ये अरण्यकाण्डे दशमस्सर्गः॥Thus ends the tenth sarga of Aranyakanda of the holy Ramayana the first epic composed by the sage Valmiki.पदच्छेदः
| इत्य् | इति (अव्ययः) |
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्त्वा | उक्त्वा (√वच् + क्त्वा) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| महात्मा | महात्मन् (१.१) |
| सीतां | सीता (२.१) |
| प्रियां | प्रिय (२.१) |
| मैथिलराजपुत्रीम् | मैथिल–राजन्–पुत्री (२.१) |
| रामो | राम (१.१) |
| धनुष्मान् | धनुष्मत् (१.१) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| लक्ष्मणेन | लक्ष्मण (३.१) |
| जगाम | जगाम (√गम् लिट् प्र.पु. एक.) |
| रम्याणि | रम्य (२.३) |
| तपोवनानि | तपस्–वन (२.३) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| इ | त्ये | व | मु | क्त्वा | व | च | नं | म | हा | त्मा |
| सी | तां | प्रि | यां | मै | थि | ल | रा | ज | पु | त्रीम् |
| रा | मो | ध | नु | ष्मा | न्स | ह | ल | क्ष्म | णे | न |
| ज | गा | म | र | म्या | णि | त | पो | व | ना | नि |