४.१.२८

एषा प्रसन्नसलिला पद्मनीलोत्पलायता ।
हंसकारण्डवाकीर्णा पम्पा सौगन्धिकायुता ॥

अन्वयः

प्रसन्नसलिला clear water, पद्मनीलोत्पलायुता endowed with red and blue lotuses, हंसकारण्डवाकीर्णा filled with swans and geese, सौगन्धिकान्विता fragrant, एषा this, पम्पा Pampa

Summary

'This Pampa with its water clear and fragrant with red and blue lotuses is filled with swans and geese.

पदच्छेदः

एषाएतद् (१.१)
प्रसन्नसलिलाप्रसन्न (√प्र-सद् + क्त)–सलिल (१.१)
पद्मनीलोत्पलायतापद्म–नीलोत्पल–आयत (१.१)
हंसकारण्डवाकीर्णाहंस–कारण्डव–आकीर्ण (√आ-कृ + क्त, १.१)
पम्पापम्पा (१.१)
सौगन्धिकायुतासौगन्धिक–आयुत (१.१)

छन्दः

अनुष्टुप् [८]

छन्दोविश्लेषणम्

षाप्रन्नलि ला
द्म नी लोत्प ला ता
हं काण्ड वा की र्णा
म्पा सौन्धि कायु ता