अन्वयः
ऊर्मिमन्तम् with waves, रत्नसञ्चयम् a hoarder of gems, सागरम् ocean, अभिक्रम्य after reaching, मह्यं to me, युद्धम् war, प्रयच्छ give, इति thus, तम् him, महार्णवम् mighty ocean, उवाच said.
M N Dutt
Passing beyond the Sea, with waves upon him, and containing heaps of gemsji e said to the mighty deep-Grant me battle.
Summary
'Reaching the mighty ocean, he implored the sea with (high) waves and hoards of gems for a fight.
पदच्छेदः
| ऊर्मिमन्तम् | ऊर्मिमत् (२.१) |
| अतिक्रम्य | अतिक्रम्य (√अति-क्रम् + ल्यप्) |
| सागरं | सागर (२.१) |
| रत्नसंचयम् | रत्न–संचय (२.१) |
| मम | मद् (६.१) |
| युद्धं | युद्ध (२.१) |
| प्रयच्छेति | प्रयच्छ (√प्र-यम् लोट् म.पु. )–इति (अव्ययः) |
| तम् | तद् (२.१) |
| उवाच | उवाच (√वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| महार्णवम् | महत्–अर्णव (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ऊ | र्मि | म | न्त | म | ति | क्र | म्य |
| सा | ग | रं | र | त्न | सं | च | यम् |
| म | म | यु | द्धं | प्र | य | च्छे | ति |
| त | मु | वा | च | म | हा | र्ण | वम् |