अन्वयः
श्रीमान् lucky, सः Sugriva, कण्ठसक्तया by that on the neck, तया लतय by that creeper, ससन्ध्यः at twilight, तोयदः rain cloud, बलाकानाम् of cranes, मालयेव like a garland, शुशुभे glowed.
Summary
With the creeper round the neck, Sugriva looked like the raincloud at twilight, adorned by a row of cranes like a garland.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| तथा | तथा (अव्ययः) |
| शुशुभे | शुशुभे (√शुभ् लिट् प्र.पु. एक.) |
| श्रीमांल् | श्रीमत् (१.१) |
| लतया | लता (३.१) |
| कण्ठसक्तया | कण्ठ–सक्त (√सञ्ज् + क्त, ३.१) |
| मालयेव | माला (३.१)–इव (अव्ययः) |
| बलाकानां | बलाका (६.३) |
| ससंध्य | स (अव्ययः)–संध्या (१.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| तोयदः | तोयद (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | त | था | शु | शु | भे | श्री | मा |
| ल्ल | त | या | क | ण्ठ | स | क्त | या |
| मा | ल | ये | व | ब | ला | का | नां |
| स | सं | ध्य | इ | व | तो | य | दः |