अन्वयः
ततः then, रामः Rama, भ्रात्रा with brother, लक्ष्मणेन सह along with Lakshmana, कृताञ्जलिः with folded hands offered obeisance, महात्मानः great souls, तान् them, ऋषीन् समुद्दिश्य thinking of the seers, अभ्यवादयत् saluted.
M N Dutt
Thereupon Rāma, along with his younger brother Lakşmaņa, made obeisance to those high-souled ones.
Summary
Rama and Lakshmana offered salutations with folded hands in memory of those great sages, great souls.
पदच्छेदः
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| रामः | राम (१.१) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| भ्रात्रा | भ्रातृ (३.१) |
| लक्ष्मणेन | लक्ष्मण (३.१) |
| कृताञ्जलिः | कृत (√कृ + क्त)–अञ्जलि (१.१) |
| समुद्दिश्य | समुद्दिश्य (√समुत्-दिश् + ल्यप्) |
| महात्मानस् | महात्मन् (१.३) |
| तान् | तद् (२.३) |
| ऋषीन् | ऋषि (२.३) |
| अभ्यवादयत् | अभ्यवादयत् (√अभि-वादय् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तो | रा | मः | स | ह | भ्रा | त्रा |
| ल | क्ष्म | णे | न | कृ | ता | ञ्ज | लिः |
| स | मु | द्दि | श्य | म | हा | त्मा | न |
| स्ता | नृ | षी | न | भ्य | वा | द | यत् |