अन्वयः
शतक्रतुः Indra who performed a hundred sacrifices, वर्षेण by rain, प्रसूतम् production, कलमं क्षेत्रम् इव like the cornfield, प्रतिज्ञाम् my promise, सफलाम् will make it fruitful, करिष्यामि I will fulfil, सभ्रमम् apprehension, जहि give up.
Summary
'I shall fulfil my promise just as Indra (who performed a hundred sacrifices) helps production in the cornfield through timely rain. Give up your apprehension.
पदच्छेदः
| सफलां | सफल (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| करिष्यामि | करिष्यामि (√कृ लृट् उ.पु. ) |
| प्रतिज्ञां | प्रतिज्ञा (२.१) |
| जहि | जहि (√हा लोट् म.पु. ) |
| सम्भ्रमम् | सम्भ्रम (२.१) |
| प्रसूतं | प्रसूत (√प्र-सू + क्त, २.१) |
| कलमं | कलम (२.१) |
| क्षेत्रे | क्षेत्र (७.१) |
| वर्षेणेव | वर्ष (३.१)–इव (अव्ययः) |
| शतक्रतुः | शतक्रतु (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | फ | लां | च | क | रि | ष्या | मि |
| प्र | ति | ज्ञां | ज | हि | सं | भ्र | मम् |
| प्र | सू | तं | क | ल | मं | क्षे | त्रे |
| व | र्षे | णे | व | श | त | क्र | तुः |