अन्वयः
काननप्रियः a lover of forest, विपुलग्रीवः broadnecked, सुग्रीवः Sugriva, कानने in the forest, सर्वतः all over, दृष्टिम् sight, विचार्य extending, भृशम् very, क्रोधम् anger, आहारयत् became.
M N Dutt
Casting his looks all around in the forest, Sugrīva, having a huge neck and fond of woods, became exceedingly enraged.
Summary
Broadnecked Sugriva, a lover of the forest, looked around and flew into a rage.
पदच्छेदः
| विचार्य | विचार्य (√वि-चारय् + ल्यप्) |
| सर्वतो | सर्वतस् (अव्ययः) |
| दृष्टिं | दृष्टि (२.१) |
| कानने | कानन (७.१) |
| काननप्रियः | कानन–प्रिय (१.१) |
| सुग्रीवो | सुग्रीव (१.१) |
| विपुलग्रीवः | विपुल–ग्रीवा (१.१) |
| क्रोधम् | क्रोध (२.१) |
| आहारयद् | आहारयत् (√आ-हारय् लङ् प्र.पु. एक.) |
| भृशम् | भृशम् (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| वि | चा | र्य | स | र्व | तो | दृ | ष्टिं |
| का | न | ने | का | न | न | प्रि | यः |
| सु | ग्री | वो | वि | पु | ल | ग्री | वः |
| क्रो | ध | मा | हा | र | य | द्भृ | शम् |