अन्वयः
तव your, आदर्शने not seen, अन्येन with others, सम्रब्धम् engaged in combat, प्रमत्तम् engrossed, माम् me, योद्धुम् attacked, नार्हसि not proper on your part, इति thus, मे my, बुद्धि: mind, उत्पन्ना strike, बभूव become
M N Dutt
Before I saw you I had thought within myself:-'Forsooth Rāma shall not destroy me, engaged as I am with another person and hence not prepared to fight with him.'
पदच्छेदः
| न | न (अव्ययः) |
| माम् | मद् (२.१) |
| अन्येन | अन्य (३.१) |
| संरब्धं | संरब्ध (२.१) |
| प्रमत्तं | प्रमत्त (√प्र-मद् + क्त, २.१) |
| वेद्धुम् | वेद्धुम् (√व्यध् + तुमुन्) |
| अर्हसि | अर्हसि (√अर्ह् लट् म.पु. ) |
| इति | इति (अव्ययः) |
| मे | मद् (६.१) |
| बुद्धिर् | बुद्धि (१.१) |
| उत्पन्ना | उत्पन्न (√उत्-पद् + क्त, १.१) |
| बभूवादर्शने | बभूव (√भू लिट् प्र.पु. एक.)–अदर्शन (७.१) |
| तव | त्वद् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| न | मा | म | न्ये | न | सं | र | ब्धं |
| प्र | म | त्तं | वे | द्धु | म | र्ह | सि |
| इ | ति | मे | बु | द्धि | रु | त्प | न्ना |
| ब | भू | वा | द | र्श | ने | त | व |