अन्वयः
महात्मनः great self, अस्य of this, सुग्रीवस्य Sugriva's, धरमाणस्य when he is alive, पापकर्मकृत् a sinner, कामात् due to lust, स्नुषायाम् in your daughterinlaw, रुमायाम् with Ruma, वर्तसे live.
M N Dutt
You, the perpetrator of many evil deeds, have got by Rumā, the wife of your brother-the high-souled Sugrīva.
Summary
Having heard the great Sugriva, Rama replied with a gentle smile:
पदच्छेदः
| अस्य | इदम् (६.१) |
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| धरमाणस्य | धरमाण (√धृ + शानच्, ६.१) |
| सुग्रीवस्य | सुग्रीव (६.१) |
| महात्मनः | महात्मन् (६.१) |
| रुमायां | रुमा (७.१) |
| वर्तसे | वर्तसे (√वृत् लट् म.पु. ) |
| कामात् | काम (५.१) |
| स्नुषायां | स्नुषा (७.१) |
| पापकर्मकृत् | पाप–कर्मन्–कृत् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | स्य | त्वं | ध | र | मा | ण | स्य |
| सु | ग्री | व | स्य | म | हा | त्म | नः |
| रु | मा | यां | व | र्त | से | का | मा |
| त्स्नु | षा | यां | पा | प | क | र्म | कृत् |