अन्वयः
यः whosoever, असौ this person, रामप्रयुक्तेन discharged by Rama, शरेण by arrow, विनिपातितः is killed, महात्मनः of the great soul, तस्य his, पादमूलम् एव soles of his feet, गमिष्यामि I will go.
M N Dutt
I shall place myself at the feet of that highsouled one, who has been killed by Rama's shaft.
Summary
'I will seek the soles of the feet of the great soul who has been killed by the arrow discharged by Rama.'
पदच्छेदः
| पादमूलं | पाद–मूल (२.१) |
| गमिष्यामि | गमिष्यामि (√गम् लृट् उ.पु. ) |
| तस्यैवाहं | तद् (६.१)–एव (अव्ययः)–मद् (१.१) |
| महात्मनः | महात्मन् (६.१) |
| यो | यद् (१.१) |
| ऽसौ | अदस् (१.१) |
| रामप्रयुक्तेन | राम–प्रयुक्त (√प्र-युज् + क्त, ३.१) |
| शरेण | शर (३.१) |
| विनिपातितः | विनिपातित (√विनि-पातय् + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| पा | द | मू | लं | ग | मि | ष्या | मि |
| त | स्यै | वा | हं | म | हा | त्म | नः |
| यो | ऽसौ | रा | म | प्र | यु | क्ते | न |
| श | रे | ण | वि | नि | पा | ति | तः |