अन्वयः
आव्रजन्ती as she approached, अथ then, दानवेन्द्राणाम् of warriors among demons, हन्तारम् killed, समरेषु in wars, अनिवर्तिनम् who never retreated, भुवि on the ground, निपतितम् fallen, पतिम् husband, ददर्श saw.
Summary
As she was nearing (the spot) she saw her husband, a great conqueror of monkeys who never retreated from the battle, mortally hit and fallen on the ground.
पदच्छेदः
| आव्रजन्ती | आव्रजत् (√आ-व्रज् + शतृ, १.१) |
| ददर्शाथ | ददर्श (√दृश् लिट् प्र.पु. एक.)–अथ (अव्ययः) |
| पतिं | पति (२.१) |
| निपतितं | निपतित (√नि-पत् + क्त, २.१) |
| भुवि | भू (७.१) |
| हन्तारं | हन्तृ (२.१) |
| दानवेन्द्राणां | दानव–इन्द्र (६.३) |
| समरेष्व् | समर (७.३) |
| अनिवर्तिनाम् | अनिवर्तिन् (६.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| आ | व्र | ज | न्ती | द | द | र्शा | थ |
| प | तिं | नि | प | ति | तं | भु | वि |
| ह | न्ता | रं | दा | न | वे | न्द्रा | णां |
| स | म | रे | ष्व | नि | व | र्ति | नाम् |