अन्वयः
हरिपुङ्गव O chief of monkeys, त्वम् yourself, यस्मात् due to whom, उद्विग्नचेताः frightened at heart, प्रद्रुतः running, तम् him, क्रूरदर्शनम् cruel figure, क्रूरम् cruel one, वालिनम् Vali, इह here, न पश्यामि, not see
M N Dutt
I do not behold, O best of monkeys, that wicked Vāli of terrible looks, afraid of whom you had fled away and for whom you are anxious.
Summary
'O chief of monkeys I do not see here any sign of the cruel Vali, of whom you are afraid.
पदच्छेदः
| यस्माद् | यद् (५.१) |
| उद्विग्नचेतास् | उद्विग्न (√उत्-विज् + क्त)–चेतस् (१.१) |
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| प्रद्रुतो | प्रद्रुत (√प्र-द्रु + क्त, १.१) |
| हरिपुंगव | हरि–पुंगव (८.१) |
| तं | तद् (२.१) |
| क्रूरदर्शनं | क्रूर–दर्शन (२.१) |
| क्रूरं | क्रूर (२.१) |
| नेह | न (अव्ययः)–इह (अव्ययः) |
| पश्यामि | पश्यामि (√दृश् लट् उ.पु. ) |
| वालिनम् | वालिन् (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| य | स्मा | दु | द्वि | ग्न | चे | ता | स्त्वं |
| प्र | द्रु | तो | ह | रि | पुं | ग | व |
| तं | क्रू | र | द | र्श | नं | क्रू | रं |
| ने | ह | प | श्या | मि | वा | लि | नम् |