अन्वयः
एषः अहम् thus I, जीवितं च life also, राज्यं च even kingdom, इमाम् this, विपुलाम् vast, श्रियं च and prosperity, अगर्हितम् untarnished, यशः च and fame, तूर्णम् soon, एषः here I am, प्रजहामि leaving.
M N Dutt
Soon shall I renounce iny life, kingdom, my exquisite grace and my blameless fame.
Summary
'I am leaving this world soon, along with this vast kingdom, prosperity and untarnished fame.
पदच्छेदः
| जीवितं | जीवित (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| राज्यं | राज्य (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| श्रियं | श्री (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| विपुलाम् | विपुल (२.१) |
| इमाम् | इदम् (२.१) |
| प्रजहाम्य् | प्रजहामि (√प्र-हा लट् उ.पु. ) |
| एष | एतद् (१.१) |
| वै | वै (अव्ययः) |
| तूर्णं | तूर्णम् (अव्ययः) |
| महच् | महत् (२.१) |
| चागर्हितं | च (अव्ययः)–अगर्हित (२.१) |
| यशः | यशस् (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| जी | वि | तं | च | हि | रा | ज्यं | च |
| श्रि | यं | च | वि | पु | ला | मि | माम् |
| प्र | ज | हा | म्ये | ष | वै | तू | र्णं |
| म | ह | च्चा | ग | र्हि | तं | य | शः |