अन्वयः
सर्ववानरसत्तमः the noble of all the vanaras, सः सुग्रीवः that Sugriva, भीमबलम् a man of great prowess, लक्ष्मणम् to Lakshmana, सम्प्रहर्षयन् pleasing manner, प्रश्रितम् वाक्यम् these polite words, अब्रवीत् spoke.
Summary
Sugriva, the noblest of all monkeys, spoke these polite words in a pleasing manner to Lakshmana of terrific strength:
पदच्छेदः
| गतासुं | गतासु (२.१) |
| वालिनं | वालिन् (२.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| राघवस् | राघव (१.१) |
| तदनन्तरम् | तद्–अनन्तर (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| प्रश्रितं | प्रश्रित (२.१) |
| वाक्यं | वाक्य (२.१) |
| सुग्रीवं | सुग्रीव (२.१) |
| शत्रुतापनः | शत्रु–तापन (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ग | ता | सुं | वा | लि | नं | दृ | ष्ट्वा |
| रा | घ | व | स्त | द | न | न्त | रम् |
| अ | ब्र | वी | त्प्र | श्रि | तं | वा | क्यं |
| सु | ग्री | वं | श | त्रु | ता | प | नः |