अन्वयः
ततः then, सर्वे all, वाहनोचिताः the carriers of the palanquin, स्कन्धात् from their shoulders, शिबिकाम् palanquin, अवरोप्य brought down, शोकसमन्विताः filled with sorrow, एकान्तम् solitary place, आश्रित्य resorting to, तस्थुः stood.
Summary
Putting down the palanquin from their shoulders on the lonely spot, the bearers stood in tearswaiting.
पदच्छेदः
| अवरोप्य | अवरोप्य (√अव-रोपय् + ल्यप्) |
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| स्कन्धाच् | स्कन्ध (५.१) |
| छिबिकां | शिबिका (२.१) |
| वहनोचिताः | वहन–उचित (१.३) |
| तस्थुर् | तस्थुः (√स्था लिट् प्र.पु. बहु.) |
| एकान्तम् | एकान्त (२.१) |
| आश्रित्य | आश्रित्य (√आ-श्रि + ल्यप्) |
| सर्वे | सर्व (१.३) |
| शोकसमन्विताः | शोक–समन्वित (१.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | व | रो | प्य | त | तः | स्क | न्धा |
| च्छि | बि | कां | व | ह | नो | चि | ताः |
| त | स्थु | रे | का | न्त | मा | श्रि | त्य |
| स | र्वे | शो | क | स | म | न्वि | ताः |